Ishrat Jahan Case 2004: CBI कोर्ट ने इशरत जहां को बताया लश्कर आतंकी, कोर्ट ने सभी को किया बरी।

CBI की विशेष कोर्ट ने इशरत जहां को लश्कर आतंकी बताया है। इस दौरान कोर्ट ने तीनों आरोपियों को बरी कर दिया है. बरी करते हुए कोर्ट ने कहा कि इशरत जहां आतंकी थी इससे इंकार नहीं किया जा सकता है।

17 साल बाद इशरत जहां एन्काउ्टर केस में सीबीआई कोर्ट का 31 मार्च 2021 को निर्णय:-

  • क्राईम ब्रांच के अफसरो नें अपने कर्तव्य के अंतर्गत काम किया।
  • इशरत जहां लश्करे तैयबा की आतंकी थी।
  • सभी आरोपी बरी।

15 जून 2004 में गुजरात पुलिस द्वारा एक एन्काउ्टर किया गया था जिसमें चार लोग मरे गए थे:-

  • इशरत जहां
  • प्राणेश पिल्लई उर्फ जावेद गुलाम शेख
  • अमजद अली राणा
  • जीशान जौहर
इशरत जहां 19 साल की वह लड़की थी जिस पर आतंकी होने का शक था और इस आधार पर गुजरात पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 15 जून 2004 को उसका और उसके तीन साथियों का एनकाउंटर कर दिया था।

विपक्ष ने इस मुद्दे को खूब भुनाया और अपनी राजनितिक रोटियां सेंकी और इसी बीच विपक्स ने वर्तमान (2004) की सरकार पर बहुत से सवाल दाग दिए:-

  • क्या इशरत जहां आतंकी थी?
अब इस को लेकर विपक्ष और तमाम वामपंथी और इस्लामिक एजेंडाधारियों ने कई थ्योरियाँ दी की इशरत बेक़सूर थी

जिसमे एक थ्योरी ये थी कि वो तीनों लड़के आतंकी संगठनों से जुड़े थे लेकिन इशरत बेकसूर थी कई राजनीतिक जमातों ने इस थ्योरी को हवा देते हुए बीजेपी को लंबे समय तक निशाने पर रखा।

दूसरा ये सवाल था कि:-
  • क्या इशरत जहां का फेक एनकाउंटर किया गया?
यानि अगर इशरत आतंकी भी थी तो क्या वाकई उसका एनकाउंटर किया गया?

या उसकी कहीं और हत्या करके उसे एनकाउंटर में तब्दील किया गया? 

कई राजनीतिक जमातियों ने इस थ्योरी को हवा देते हुए बीजेपी को लंबे समय तक निशाने पर रखा।

और राणा अयूब जैसे राष्ट्र भक्त्नियों ने इस राष्ट्र भक्त बिहार की बेटी के लिए किताबें भी लिख डाली।

मगर बहरहाल, इस केस को लेकर कोर्ट से फैसला आ चूका है।

और कोर्ट ने इशरत को आतंकी करार देते हुए उन सभी लोगों को बाईज्जत बरी कर दिया हैं जिनको इस एनकाउंटर में आरोपी बना दिया गया था।

इशरत जहां एनकाउंटर केस में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। एनकाउंटर केस में कोर्ट ने क्राइम ब्रांच के तीनों अधिकारी तरुण बारोट, अंजु चौधरी और गिरिश सिंघल को सभी आरोपों से बरी कर दिया है।

तीनों अधिकारियों को बरी करते हुए कोर्ट ने कहा है कि इशरत जहां, लश्कर ए तैयबा की आंतकी थी। कोर्ट ने कहा कि खुफिया रिपोर्ट को नकारा नहीं जा सकता यही कारण है कि तीनों अधिकारियों को बरी किया जाता है।

सभी अधिकारीयों को  बरी करते हुए कोर्ट ने कहा कि क्राइम ब्रांच के अधिकारी जी एल सिंघल, तरुण बारोट व अनाजों चौधरी ने आईबी से मिले इनपुट के आधार पर कार्रवाई की। इन अधिकारियों ने वैसा ही किया जैसा करना चाहिए था।

यहाँ आपको बता दें कि इशरत जहां व उसके तीन साथी जावेद शेख, अमजद अली व जीशान जौहर को क्राइम ब्रांच ने जून 2004 में एक एनकाउंटर में ढेर कर दिया था।

इस एनकाउंटर के बाद गुजरात के पूर्व पुलिस महानिदेशक पी पी पांडे पूर्व आईपीएस और क्राइम ब्रांच के हेड डी जी बंजारा और पुलिस उपाध्यक्ष एनके अमीन को भी आरोपी बनाया गया था। इन तीनों को कोर्ट पहले ही बरी कर चुका है।
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