मणिपुर सरकार अलर्ट पर, म्यांमार के लोगों के भारत में घुसने और शिविर तथा खाने-पीने के प्रबंधन पर रोक।

म्यांमार में सियासी संकट, मणिपुर सरकार अलर्ट पर, म्यांमार के लोगों के भारत में घुसने और शिविर तथा खाने-पीने के प्रबंधन पर रोक।


मणिपुर सरकार ने म्यांमार की ख़राब स्थति को देखते हूए सीमावर्ती पांच जिलों के अधिकारीयों को म्यांमार के लोगों को भारत में ना घुसने देने और उनके लिए किसी भी प्रकार की राहत सामग्री ना पहुंचाने को लेकर आदेश जारी किया हैं और इन जिलों के अधिकारियों से भी इस बारें में बात की हैं।

हाईलाइट:-

  • म्यांमार में सेना अपने ही नागरिकों पर चला रही गोलियां
  • मणिपुर सरकार ने शरणार्थियों के प्रवेश को किया प्रतिबंधित

म्यांमार में एक फरवरी को हुए सैन्य तख्तापलट के बाद से लगातार खबरें आ रही हैं कि यहां के नागरिक सेना की कार्रवाई से बचने के लिए बड़ी संख्या में भारत की सीमाओं में घुसकर पलायन कर रहे हैं। इसे देखते हुए म्यांमार की सीमा से सटे भारत के मणिपुर में एक आदेश जारी किया गया है।

दरअसल, मणिपुर की एन. बीरेन सिंह के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने म्यांमार से आने वाले लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है।

बता दें, इस आदेश को लेकर मणिपुर के पांच जिलों के कमिश्नर को पत्र भेजा गया है। यह सारे जिले मणिपुर की सीमा से काफी नजदीक हैं। सरकार की तरफ से पत्र में आदेश दिया गया है कि केवल मानवीय या फिर मेडिकल इमरजेंसी के आधार पर ही म्यांमार के नागरिकों को देश में प्रवेश दिया जाए।

असल में मणिपुर सरकार को डर है कि म्यांमार के नागरिक भारत में शरणार्थी बनकर घुसने का प्रयास कर सकते हैं क्योंकि म्यांमार की सेना कार्रवाई के नाम पर अपने ही नागरिकों पर गोलियां चला रही है।

मणिपुर के गृह सचिव एच ज्ञान प्रकाश की तरफ से जारी इस पत्र में कहा गया है कि सैन्य तख्तापलट के बाद म्यांमार के नागरिक भारत में घुसने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में जिलों को निर्देश दिया जाता है कि वे उन्हें देश में न घुसने दें।

इतना ही नहीं, पत्र में यह भी आदेश दिया गया है कि शरणार्थियों के लिए न राहत शिविर बनाएं और न खाने-पीने का इंतजाम करें। वे शरण मांगने आएं तो उन्हें हाथ जोड़कर वापस भेजें। 

आदेश की हो रही आलोचना

26 मार्च को जारी इस आदेश की काफी आलोचना की जा रही है। इस आदेश को भारत में शरण देने की परंपरा के खिलाफ और अमानवीय कहा जा रहा है। एक रिपोर्ट की मानें तो मिजोरम के एक अधिकारी के हवाले से सोमवार को बताया गया है कि पिछले महीने के सैनिक तख्तापलट के बाद कम से कम 1000 लोग सीमा पार कर चुके हैं। इनमें से 100 लोगों को वापस भेजा गया था, लेकिन वह फिर से  मणिपुर में ही कहीं छुप गए हैं।

कुछ महिलाओं और बच्चों ने भारत में घुसने की कोशिश की

अधिकारियों के मुताबिक शुक्रवार को महिलाओं और बच्चों समेत कुछ म्यांमारियों ने मोरेह तमू सीमा के जरिए मणिपुर में प्रवेश करने की कोशिश की थी, लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी. मणिपुर मीडिया ने बताया कि पिछले हफ्ते म्यांमार में गोली लगने से घायल तीन म्यांमार नागरिकों को मणिपुर में प्रवेश करने की अनुमति दी गई थी और उन्हें इंफाल के जवाहरलाल नेहरू आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गया था, उनमें से दो की हालत गंभीर है.

सीएम ज़ोरमथांगा ने पीएम मोदी से की हस्तक्षेप की मांग

मिजोरम के मुख्यमंत्री ज़ोरमथांगा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन शरणार्थियों को शरण, भोजन और आश्रय देने करने का आग्रह किया है, जो पिछले महीने म्यांमार में सैन्य शक्ति हासिल करने के बाद से राज्य में पहुंचे हैं. वहीं ज़ोरमथांगा ने पीएम मोदी को 18 मार्च को पत्र लिख कर उनके हस्तक्षेप करने की मांग की है

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